अयोध्या : अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के वित्तीय मामलों की स्वतंत्र जांच कराई जाए। खातों को सार्वजनिक किया जाए, ताकि हर भक्त जान सके कि चढ़ावे का इस्तेमाल कहां और कैसे हुआ। जांच में जो भी जिम्मेदार पाए जाएं, उनकी जवाबदेही तय हो।
शनिवार को लिखी चिट्ठी रविवार को सामने आई। उन्होंने पीएम मोदी से कहा-

आपने संसद में ट्रस्ट के गठन की घोषणा की थी, लेकिन इसके सदस्यों की नियुक्ति पूरी तरह से सरकार ने की। यह बात जगजाहिर है कि ट्रस्ट के सदस्य RSS, VHP और उसके सहयोगियों से जुड़े हैं। पूर्व महासचिव भी आपके करीबी थे। ऐसे में आपकी चुप्पी स्वीकार नहीं है। जवाबदेही सुनिश्चित करना आपका कर्तव्य है। सरकार और ट्रस्ट की साख इसी बात पर टिकी है।
इधर, आरोपी रमाशंकर यादव उर्फ ‘टिन्नू’ और उसके भतीजे मनीष की पुलिस कस्टडी का आज आखिरी दिन है। शनिवार सुबह साढ़े 8 बजे पुलिस दोनों को जिला जेल से अपने साथ 39 घंटे की रिमांड पर ले गई थी। पुलिसकर्मी रात 11 बजे तक SOG ऑफिस में ही मौजूद रहे। आरोपियों को कहीं और नहीं ले जाया गया।
टिन्नू, पूर्व महासचिव चंपत राय का करीबी रहा है। वह मंदिर के दानपात्रों की देखरेख करता था, जबकि मनीष चढ़ावे की गिनती का काम करता था। पुलिस ने टिन्नू के घर से 1 लाख रुपए और मनीष के घर से 2 लाख रुपए बरामद किए थे। इससे पहले पुलिस 6 अन्य आरोपियो अविनाश शुक्ला, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव, रमाशंकर मिश्रा और करुणेश को रिमांड पर ले चुकी है।
सपा सांसद बोले- रामभक्त कौन, कैसे तय होगा? सतीश महाना पर पलटवार

- मुजफ्फरनगर से सपा सांसद हरेंद्र मलिक ने राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले को लेकर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के बयान पर पलटवार किया। कहा- रामभक्त कौन है, यह कौन तय करेगा? भगवान श्रीराम करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं। यह तय करना किसी के लिए संभव नहीं है कि कौन सच्चा रामभक्त है और कौन नहीं। अगर किसी के पास ऐसी कोई मशीन है जो यह बता सके कि किसकी आस्था सच्ची है और किसकी नहीं, तो पहले उसी मशीन से जांच कर लोगों को मंदिर में प्रवेश दिया जाए।
- दरअसल, दो दिन पहले सतीश महाना का एक वीडियो सामने आया था। इसमें वह कहते दिखाई दे रहे थे कि जिन्होंने श्रद्धापूर्वक भगवान के मंदिर में पैसा अर्पित नहीं किया, उन्हीं का पैसा चोरी हुआ है। हमारा पैसा चोरी नहीं हुआ, हमारा पैसा मंदिर में लगा है। मंदिर का भव्य स्वरूप इसका प्रमाण है। महाना का बयान कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के उस बयान पर पलटवार था, जिसमें कहा गया था कि उन्होंने पूरी सच्ची श्रद्धा से राममंदिर में दान किया था, पर पैसा चोरी कर लिया गया।
ट्रस्ट के सीईओ पद के लिए 5000 लोगों ने आवेदन किया
राम मंदिर ट्रस्ट के सीईओ पद के लिए अब तक 5000 लोगों ने आवेदन किया है। आवेदन की अंतिम तारीख कल यानी 18 जुलाई थी। 22 जुलाई को होने वाली बैठक इस पर भी चर्चा की जाएगी।
राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक का एजेंडा जानिए-
अयोध्या में 22 जुलाई को होने वाली राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक शाम 4 बजे मणिराम दास छावनी में होगी। सदस्यों की कमी पर विचार किया जाएगा। 6 जुलाई की बैठक में आई सिफारिशों पर फैसलों किया जाएगा। SIT की अंतिम रिपोर्ट पर चर्चा होगी। सीईओ तैनाती समेत विभिन्न मुद्दों पर बात की जाएगी।
अयोध्या में 22 जुलाई को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक


