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Fri. Mar 13th, 2026

जीएलए विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को एक वर्ष पहले ही मिली नौकरियां

  • नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले ही 200 से अधिक छात्रों को मिला रोजगार

दैनिक उजाला, मथुरा : उत्तर भारत के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में अग्रणी जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा ने एक बार फिर उच्च शिक्षा और तकनीकी उत्कृष्टता का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यहां गुणवत्तापरक शिक्षा और आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण का ऐसा संगम देखने को मिलता है, जिसकी बदौलत छात्र न केवल पढ़ाई में उत्कृष्ट हैं, बल्कि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कॉर्पोरेट जगत में भी गहरी छाप छोड़ रहे हैं।

जहां अधिकांश विश्वविद्यालयों में प्लेसमेंट प्रक्रिया सत्र के बाद या अंत की ओर शुरू होती है, वहीं जीएलए विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2025-26 की औपचारिक शुरुआत से पहले ही 60 से अधिक नामी कंपनियों ने 200 से अधिक छात्रों का चयन विवनोवेशन, ऑक्ट्रो, मूवइनसिंक टेक्नोलॉजी सॉल्यूशन्स, जसपे टेक्नोलॉजीज़, एक्सपोरा, नेशनल इंस्ट्रूमेंट्स इंडिया, जेपी मॉर्गन, चेस इंडिया, एलजी सॉफ्ट इंडिया, डेव्सलेन आदि कंपनियों में हुआ है। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि जीएलए के छात्र उद्योगों की मांगों के अनुरूप दक्षता और सामर्थ्य से परिपूर्ण हैं। विश्वविद्यालय का यह प्रयास आगे भी जारी रहेगा।

चयनित छात्रों को मिलने वाले वेतन पैकेज भी अत्यंत प्रेरणादायक हैं, जिसमें 10 लाख से लेकर 30 लाख तक के वार्षिक जॉब ऑफर प्राप्त हुए हैं, जो उत्तर भारत के किसी भी निजी विश्वविद्यालय के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। पिछले सत्र 2024-25 में भी रिकॉर्ड तोड़ प्लेसमेंट हुए, जिसमें 500 से अधिक कंपनियों 2500 से अधिक छात्रों को रोजगार के अवसर दिए। इतना ही नहीं, 300 से अधिक मेधावी छात्रों को एक से अधिक कंपनियों से जॉब ऑफर प्राप्त हुए, जो उनकी बहु-प्रतिभा और व्यावसायिक बहुआयामी योग्यता का प्रमाण है।

शैक्षणिक सत्र 2025-26 के छात्रों को मिली सफलता का श्रेय यहां के समर्पित शिक्षकों, अनुसंधान-प्रधान शिक्षा प्रणाली, नवाचारयुक्त पाठ्यक्रम, और इंडस्ट्री-इंटीग्रेटेड ट्रेनिंग मॉडल को जाता है। विश्वविद्यालय में छात्र केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहते, बल्कि उन्हें व्यावहारिक प्रयोग, प्रोजेक्ट-आधारित लर्निंग, और रियल वर्ल्ड केस स्टडीज के माध्यम से समग्र रूप से विकसित किया जाता है।

विश्वविद्यालय के कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल ने छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “मैं यह दृढ़ता से मानता हूं कि शिक्षा वह दीप है, जो न केवल अज्ञान के अंधकार को दूर करता है, बल्कि चरित्र निर्माण, आत्मनिर्भरता और राष्ट्र सेवा का मार्ग भी प्रशस्त करता है। जीएलए विश्वविद्यालय में हमारा हर प्रयास इसी दिशा में केंद्रित है कि हमारे छात्र तकनीकी रूप से दक्ष होने के साथ-साथ नैतिक रूप से सशक्त, जिम्मेदार और नवाचारशील बनें।

आज जब हमारे विद्यार्थियों को देश-विदेश की प्रतिष्ठित कंपनियों में उच्च वेतन पर चयन मिल रहा है, तो यह हमारे शिक्षकों की प्रतिबद्धता, हमारे पाठ्यक्रम की प्रासंगिकता और छात्रों की कठिन मेहनत का प्रतिफल है। नए शैक्षणिक सत्र में छात्रों को रोजगार मिलने का यह सिलसिला यहां तक ही सीमित नहीं है, बल्कि आगे भी नए कीर्तिमान स्थापित कर पुराने रिकॉर्ड से कहीं अधिक ऊपर होगा।

नवाचार और भविष्य की ओर अग्रसर

जीएलए विश्वविद्यालय न केवल तकनीकी शिक्षा में बल्कि प्रबंधन, फार्मेसी, विधि, कृषि, जैव प्रौद्योगिकी और मानविकी “ह्यूमनिटीज“ जैसे अनेक क्षेत्रों में उच्चस्तरीय शिक्षण प्रदान कर रहा है। विश्वविद्यालय की शिक्षा नीति का मुख्य उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि समाज के लिए जिम्मेदार और आत्मनिर्भर नागरिकों का निर्माण करना है।

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