Breaking
Mon. Oct 5th, 2026

बंगाल में 6 महीने में UCC होगा लागू! सीएम शुभेंदु बोले- लव और लैंड जिहाद के खिलाफ आएगा कानून

  • पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी ने राज्य में UCC लागू करने को लेकर बड़ा बयान दिया है, उन्होंने कहा कि राज्य में उत्तराखंड और गुजरात की तरह UCC लागू किया जाएगा

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने समान नागरिक संहिता यानी UCC को लेकर बड़ा ऐलान किया है। शुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि राज्य में उत्तराखंड और गुजरात की तर्ज पर अगले 6 महीने के अंदर UCC लागू किया जाएगा। उन्होंने कोलकाता में विश्व हिंदू परिषद के एक कार्यक्रम के दौरान यह ऐलान किया गया। सीएम ने कहा कि उत्तराखंड और गुजरात के बाद पश्चिम बंगाल तीसरा राज्य होगा जो यूसीसी लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके साथ ही शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि यूसीसी के अलावा राज्य में लव जिहाद, लैंड जिहाद और जबरन धर्मांतरण के खिलाफ भी सख्त कानून लाए जाएंगे।

‘मठ-मंदिरों पर हमले बर्दाश्त नहीं’

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि बीजेपी सरकार संविधान के अनुसार काम करेगी, लेकिन भारतीय संस्कृति, परंपरा और मठ-मंदिरों पर हमले बर्दाश्त नहीं करेगी। आगे उन्होंने कहा, ”हमारी सरकारी पश्चिम बंगाल में किसी भी देश-विरोधी गतिविधि की अनुमति नहीं देगी। लोग मिलकर रहे, एकजुट रहें और विभाजनकारी ताकतों के खिलाफ पूरी तरह से सावधान रहें।” 

VHP ने क्या कहा?

सीएम शुभेंदु अधिकारी के बंगाल में UCC लागू करने के ऐलान पर वीएचपी ने समर्थन किया है। वीएचपी का कहना है कि UCC लागू होने से हर नागरिक को समान अधिकार मिलेगा, इसका सबसे बड़ा फायदा मुस्लिम महिलाओं को होगा।

BJP के प्रमुख चुनावी वादों में शामिल था UCC

बता दें कि पश्चिम बंगाल सरकार ने UCC का मसौदा तैयार करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में हाईलेवल कमेटी बनाई है। सरकारी अधिसूचना के मुताबिक, पश्चिम बंगाल UCC बिल का उद्देश्य सभी समुदायों के लिए नागरिक कानूनों को एक जैसा करना है। इसमें शादी, तलाक, विरासत और गोद लेने से जुड़े मामले शामिल होंगे। 2026 के विधानसभा चुनाव में BJP ने UCC को अपने प्रमुख चुनावी वादों में शामिल किया था।

UCC लागू होने से क्या-क्या फायदा होगा?

  1. लिंग-धर्म से ऊपर उठकर सभी को समान अधिकार, महिलाओं के लिए उत्तराधिकार का एक नियम होगा।
  2. तलाक के नियम एक समान लागू होंगे, भेदभावपूर्ण परंपराओं का अंत होगा।
  3. एक देश, एक विधान की भावना मजबूत होगी। समुदायों के बीच कानूनी दूरियां कम होंगी।
  4. सामाजिक सौहार्द और राष्ट्रीय एकीकरण को बढ़ावा, अलग-अलग पर्सनल लॉ की पेचीदगियां घटेंगी।
  5. कानूनी प्रक्रियाएं तेज और स्पष्ट होंगी, मामलों के निपटारे में भ्रम की स्थिति खत्म होगी।

UCC कहां-कहां लागू?

  • गोवा- आजादी के पहले से UCC लागू है
  • उत्तराखंड- जनवरी 2025 से UCC लागू
  • गुजरात- UCC बिल विधानसभा से पास 
  • असम- UCC से जुड़ा विधेयक पास 
  • मध्य प्रदेश- UCC बिल विधानसभा में पास 

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *