दैनिक उजाला, मथुरा : शहर के मसानी बिजलीघर से जुड़े बिरला मंदिर के समीप लगा ट्रांसफार्मर बीती रात्रि अचानक जल गया, जिससे बंगाली कॉलोनी, भारत नगर, मोहन नगर समेत करीब 4 से 5 कॉलोनियों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। रातभर से अंधेरे में डूबे इन इलाकों के हजारों लोग भीषण गर्मी के बीच भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, देर रात तेज आवाज के साथ ट्रांसफार्मर में खराबी आई और देखते ही देखते वह जल गया। इसके बाद से पूरे क्षेत्र की बिजली गुल हो गई, जो खबर लिखे जाने तक बहाल नहीं हो सकी है। गर्मी के इस दौर में बिजली कटौती ने हालात और भी बदतर कर दिए हैं। घरों में पंखे-कूलर बंद पड़े हैं, जिससे लोग रातभर सो नहीं सके और बच्चों व बुजुर्गों की हालत सबसे ज्यादा खराब है।
बिजली संकट के साथ ही पानी की समस्या भी गहरा गई है। बिजली न होने के कारण मोटर और पंप नहीं चल पा रहे हैं, जिससे घरों में पानी की आपूर्ति ठप हो गई है। कई परिवारों को पीने के पानी के लिए भी इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। महिलाओं को घरेलू कार्यों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि रातभर इन्वर्टर के सहारे गुजारा किया, लेकिन सुबह होते-होते इन्वर्टर बैटरियां भी जवाब दे गईं। इसके बाद हालात और अधिक गंभीर हो गए। छोटे-छोटे बच्चे गर्मी और उमस से बिलख रहे हैं, वहीं बुजुर्गों के लिए यह स्थिति और भी कष्टदायक बनी हुई है।
सबसे अधिक नाराजगी बिजली विभाग के अधिकारियों के प्रति देखने को मिल रही है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि कई बार शिकायत करने और फोन करने के बावजूद एसई शहरी, एक्सियन और एसडीओ में से कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दे रहा है। खासतौर पर एक्सियन द्वारा फोन तक न उठाए जाने से लोगों में भारी रोष व्याप्त है। व्हाट्सएप पर भी उपभोक्ताओं को कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है, जिससे विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं है। सामान्य दिनों में भी बिजली व्यवस्था चरमराई रहती है और बार-बार शिकायत के बावजूद स्थायी समाधान नहीं किया जाता। अधिकारियों की उदासीनता के चलते उपभोक्ताओं को बार-बार इस तरह की समस्याओं से जूझना पड़ता है।
भीषण गर्मी के बीच उत्पन्न इस बिजली संकट ने लोगों का धैर्य जवाब दे दिया है। क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ट्रांसफार्मर बदलकर बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। लोगों ने उच्च अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान कराने की मांग की है, ताकि इस भीषण गर्मी में राहत मिल सके।

