जयपुर : जयपुर में सचिवालय में असिस्टेंट अकाउंट ऑफिसर (AAO) पद पर सावी शर्मा ने मिसेज राजस्थान-2026 में क्राउन जीता। सिल्वर कैटेगरी में थर्ड रनर-अप रहीं सावी शर्मा ने कहा- अगर परिवार का साथ हो तो महिलाएं सपनों को पूरा करने के लिए हर चुनौती पार कर सकती हैं। सावी ने कहा- इस दौरान मेरा डेढ़ साल के बेटे को परिवार ने संभाला। पति, ससुराल पक्ष के सहयोग से मैं सब कुछ कर पाई।
मिसेज राजस्थान-2026 का कॉम्पिटिशन 24 मई को हुआ। इस प्रतियोगिता में 1700 वीमन में से चुनी गईं गोल्ड (37 से 51 उम्र) और सिल्वर (20 से 36 उम्र) कैटेगरी की रनरअप प्रतिभागियों ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत की। इसमें उन्होंने अपने संघर्ष, परिवार के सहयोग और सफलता के सफर को साझा किया।
इन टॉप मॉडल्स ने कहा- उम्र और वैवाहिक स्थिति को सफलता के बीच मत आने दें। मिसेज राजस्थान-2026 के मंच पर जीत हासिल करने के लिए प्रतिभागियों ने साबित किया कि सपनों की उम्र नहीं होती। वहीं वैवाहिक जीवन या पारिवारिक जिम्मेदारियां सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकती।

मिसेज राजस्थान-2026 की गोल्ड और सिल्वर कैटेगरी की टॉप मॉडल्स दैनिक भास्कर ऑफिस में आईं। यहां खास पोज दिया।

गोल्ड और सिल्वर कैटेगरी की टॉप मॉडल्स ने वीमन को पैशन पूरा करने के लिए आगे बढ़ने का मैसेज दिया।

सेकंड रनर-अप रहीं अदिति चौधरी ने कहा- हेल्थ प्रॉब्लम के बाद भी कॉन्फिडेंस के कारण यह टाइटल जीता।
मेडिकल प्रॉब्लम के बावजूद खुद को किया प्रूव: अदिति
गोल्ड कैटेगरी में सेकंड रनर-अप अदिति चौधरी ने कहा- मेरे लिए यह सफर हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा। उन्होंने कहा- मुझे हेल्थ संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस ब्यूटी पेजेंट में मेरी दृढ़ता और कॉन्फिडेंस की यात्रा रही।
अदिति ने कहा- मैं महिलाओं के लिए उदाहरण बनना चाहती थी। मेरा मानना है कि अगर मैं अपनी हेल्थ से जुड़ी चुनौतियों का सामना करते हुए यहां तक पहुंच सकती हूं, तो बाकी महिलाएं भी जिम्मेदारियों और सामाजिक अपेक्षाओं के बीच अपने लिए कुछ कर सकती हैं। मैं सभी महिलाओं से कहना चाहूंगी कि अपनी उम्र और वैवाहिक स्थिति को कभी अपनी सफलता के बीच नहीं आने दें। आपकी पहचान मेहनत और सपनों से बनती है।

पारुल शर्मा ने बताया- पैशन को फॉलो करने के लिए रुके नहीं।
पैशन को फॉलो करना, खुद के लिए समय निकालें: पारुल
गोल्ड कैटेगरी में थर्ड रनरअप रहीं पारुल शर्मा ने बताया- मैरिड वुमन के पास कई तरह की बाध्यता होती है। परिवार और फैमिली पहली जिम्मेदारी होती है। वह अपने लिए वक्त नहीं निकाल पाती हैं। करियर पर फोकस नहीं कर पाती हैं। ऐसे में इस प्लेटफॉर्म के जरिए सभी विवाहित महिलाओं को बताना चाहती हूं कि जब भी सोचें कि करियर को आगे बढ़ाना है। अपने पैशन को फॉलो करना है तो आप रुके नहीं। जब भी मौका मिले अपने लिए समय निकालें।
उन्होंने कहा- विजन क्लियर होना चाहिए, खुद पर बिलिव होना चाहिए। मैं गाजियाबाद से हूं, पति की जॉब की वजह से जयपुर आए थे। यहां फूड इन्फ्लूएंसर के रूप में भी कार्य कर रही हूं।

