Breaking
Mon. Sep 28th, 2026

सुप्रीम कोर्ट ने UPI ट्रांजैक्शन पर फीस वसूलने के फैसले पर रोक लगाने से किया इनकार, मामले में जारी किया नोटिस

  • देश के सर्वोच्च न्यायालय ने UPI ट्रांजैक्शन पर फीस वसूलने के मामले में केंद्र सरकार, यूपीआई स्टीयरिंग कमेटी, एनपीसीआई समेत अन्य को नोटिस जारी कर 4 हफ्तों में जवाब मांगा है

सुप्रीम कोर्ट ने 2000 रुपये से ज्यादा के यूपीआई पेमेंट पर कारोबारियों से MDR (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) वसूले जाने के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस पूरे मामले में केंद्र सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक, नेशनल पेमेंट कारपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) और UPI स्टीयरिंग कमेटी को नोटिस जारी किया है और 4 हफ्तों में जवाब मांगा है।

MDR कोई फीस है, टैक्स है या कुछ और है?

कारोबारियों से 2000 रुपये से ज्यादा का यूपीआई भुगतान स्वीकार करने पर MDR चार्ज वसूले जाने के सरकार के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। वकील अंजन दत्ता की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा है कि यूपीआई ट्रांजैक्शन पर कारोबारियों से वसूला जाने वाला एमडीआर कोई फीस है, टैक्स है या कुछ और है?

चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने जारी किया नोटिस

अंजन दत्ता द्वारा दायर की गई याचिका में इस संबंध में 14 दिसंबर को जारी की गई अधिसूचना और 15 सितंबर को जारी किए गए MDR फ्रेमवर्क को रद्द करने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि सरकार ने बिना पर्याप्त कानूनी आधार के ये फैसला लिया है। इस पूरे मामले में चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने केंद्र सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक, नेशनल पेमेंट कारपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) और UPI स्टीयरिंग कमेटी को नोटिस जारी किया है।  

सरकार ने 2000 रुपये से ज्यादा के यूपीआई ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर को दी है मंजूरी

दरअसल, केंद्र सरकार ने मर्चेंट को किए जाने वाले 2000 रुपये से ज्यादा के यूपीआई ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर को मंजूरी दे दी थी। 2000 रुपये तक के सभी तरह के यूपीआई ट्रांजैक्शन पूरी तरह से फ्री रहेंगे। इसके अलावा, दो व्यक्तियों के सामान्य यूपीआई अकाउंट के बीच होने वाला ट्रांजैक्शन भी पूरी तरह से फ्री होगा। सरकार ने अभी हाल ही में साफ किया था कि MDR टैक्स नहीं है। ये एक फीस है, जिसे बैंकों और यूपीआई प्लेटफॉर्म्स के बीच बांटा जाएगा। ये नया सिस्टम 15 अक्टूबर से लागू होना है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने MDR पर दिया था बयान

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस साल अगस्त की शुरुआत में कहा था कि एमडीआर फीस ग्राहकों पर नहीं, बल्कि कारोबारियों पर लागू होता है और इससे मिलने वाली राशि का इस्तेमाल बैंक और फिनटेक कंपनियां इंफ्रा और सिक्यॉरिटी में सुधार करने में करती हैं।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *