दैनिक उजाला, मथुरा : जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा में सेवा संकल्प अभियान के तहत विभिन्न सेवा एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में बुधवार को ‘सेवा मेरा योगदान’ के बैनर तले वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान विश्वविद्यालय परिसर में जामुन, सेमल, तमाल, अर्जुन, इमली, कन्जी, कदंब, अमलतास आदि प्रजातियों के करीब 11,000 पौधे रोपे गए।
वृक्षारोपण करते हुए फार्मेसी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डा. योगेश कुमार ने कहा कि पौधारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित एवं स्वस्थ भविष्य की दिशा में किया गया महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में पौधे लगाने के साथ उनकी देखभाल की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण के लिए आगे आने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित यह वृक्षारोपण कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रहा। करीब 11,000 पौधों के रोपण से विश्वविद्यालय परिसर को और अधिक हरित एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में प्रयास किया गया। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक करने के साथ सेवा और सामाजिक सहभागिता की भावना को भी मजबूत किया।
इस अवसर पर डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. हिमांशु शर्मा ने कहा कि जीएलए विश्वविद्यालय सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों को समाज और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने का अवसर प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि 11,000 पौधों का रोपण विश्वविद्यालय के हरित एवं पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को दर्शाता है। विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी इस अभियान को और प्रभावी बना रही है। उन्होंने कहा कि पौधे लगाने के साथ उनका संरक्षण भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रकृति के संरक्षण के लिए निरंतर ऐसे प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने सभी विद्यार्थियों, फैकल्टी एवं स्टाफ से पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में एनएसएस के छात्र-छात्राओं, फैकल्टी एवं स्टाफ ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इस दौरान फार्मेसी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर आशिमा आहूजा, निहारिका सिंह, उद्यान अधीक्षक डॉ. गुलाब सिंह, श्याम सिंह सहित उद्यान विभाग के स्टाफ ने भी पौधारोपण में सहभागिता की। सभी ने लगाए गए पौधों के संरक्षण एवं उनकी नियमित देखभाल का संकल्प लिया।

