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अधिशासी अभियंता की हठधर्मिता! नील गाय फसलें उजाड़ रहीं, रास्ते के कारण किसान रखवाली नहीं कर पा रहे

  • 100 से अधिक बीघा खेती को उजाड़ने में लगा नील गायों का बड़ा झुंड
  • हर बार दूरी का नियम बताकर सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता किसानों की कर रहे अनसुनी

दैनिक उजाला, बलदेव/मथुरा : निचली मांट ब्रांच गंग नहर से निकलने वाले बलदेव रजवाहा के किसानों ने अधिशासी अभियंता को पत्र लिखकर कई बार सुगम रास्ते के लिए मांग की है। आर्थिक सहयोग के लिए भी लिखा है, लेकिन या तो इसे उनकी हठधर्मिता माना जाय या फिर किसानों की अनसुनी। कारण साफ है कि किसान सिंचाई विभाग की लापरवाह प्रणाली के चलते अपने खेतों की रखवाली भी नहीं कर रहे पा रहे हैं। हर रोज नील गायों का झुंड 100 से अधिक बीघा खेती को चौपट करने में जुटा है।

खडैरा मौजा स्थित बलदेव रजवाहा के बैक साइड पटरी के किसानों का कहना है कि वह न तो दिन में अपने खेतों पर रास्ता सुगम न होने के चलते पहुंचे पा रहे और न ही रात्रि में। हालात ये हैं कि पहुंचने में अधिक समय लगता है। तब तक नील गायों का झुंड खेतों में दौड़कर फसल को बर्बादी की कगार पर पहुंचा रहा है।

नील गायों का झुंड खेतों में दौड़कर फसल को बर्बादी की कगार पर पहुंचा रहा!

भाजपा नेता ब्रजेश पाण्डेय कहते हैं कि अगर सिंचाई विभाग किसानों के लिए स्थाई न सही, लेकिन अस्थाई एक पुल बनवाने में मदद कर दे तो किसानों को अपनी खेती की रखवाली के लिए पहुंचने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। किसान आर्थिक सहयोग के लिए तैयार हैं। विद्युत के सीमेंट के 4 खंभे किसानों ने व्यवस्था की है, लेकिन सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अब उनको भी रखवाने में दिक्कत दे रहे हैं। आखिर क्यों!

श्रीराम बौहरे कहते हैं कि रजवाहा की बैक काफी उबड़ खाबड़ स्थिति में है। यहां से जब तक पैदल चलते हैं तब तक तो नील गाय फसलों को चौपट करने में जोर-शोर से जुट जाती हैं। हालात ये हैं कि करीब 100 बीघा के चक में करीब 15 से 20 नील गायों का झुंड प्रतिदिन फसलों को उजाड़ रहा है। कारण सिर्फ किसान समय से नहीं पहुंच पा रहे हैं।

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