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Fri. Apr 17th, 2026

नेपाल के बाद फ्रांस में भी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन:1 लाख लोग सड़कों पर, कई जगह आगजनी

पेरिस : नेपाल के बाद अब फ्रांस में भी सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। बजट में कटौती के खिलाफ और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के इस्तीफे की मांग को लेकर 1 लाख से ज्यादा लोग बुधवार को सड़क पर उतर आए हैं।

प्रदर्शनकारियों की कई जगह सुरक्षा बलों से झड़प हुई है। उन्होंने कई जगह तोड़फोड़ और आगजनी भी की है। सरकार ने 80 हजार पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया है। अब तक 200 से ज्यादा उपद्रवी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

बुधवार को सरकार के खिलाफ उतरे उपद्रवियों ने राजधानी पेरिस में पुलिस पर कूड़ेदान फेंके।

बुधवार को सरकार के खिलाफ उतरे उपद्रवियों ने राजधानी पेरिस में पुलिस पर कूड़ेदान फेंके।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को कंट्रोल करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े हैं।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को कंट्रोल करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े हैं।

उपद्रवियों ने बुधवार को राजधानी पेरिस की सड़कों पर आगजनी की है। इससे कई बसें जल गई हैं।

उपद्रवियों ने बुधवार को राजधानी पेरिस की सड़कों पर आगजनी की है। इससे कई बसें जल गई हैं।

बुधवार को दक्षिणी फ्रांस के मार्सिले में सड़क बंद करने के लिए प्रदर्शनकारी गद्दा लेकर आए।

बुधवार को दक्षिणी फ्रांस के मार्सिले में सड़क बंद करने के लिए प्रदर्शनकारी गद्दा लेकर आए।

बुधवार से शुरू हुए प्रदर्शन में लोगों ने राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और एलवीएमएच के सीईओ बर्नार्ड अर्नाल्ट के विरोध में पोस्टर लहराए।

बुधवार से शुरू हुए प्रदर्शन में लोगों ने राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और एलवीएमएच के सीईओ बर्नार्ड अर्नाल्ट के विरोध में पोस्टर लहराए।

प्रदर्शन में शामिल एक उपद्रवी ने आंसू गैस की कैन को वापस पुलिस की तरफ फेंका।

प्रदर्शन में शामिल एक उपद्रवी ने आंसू गैस की कैन को वापस पुलिस की तरफ फेंका।

प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर आगजनी करके टैफिक को रोकने की कोशिश की है, जिसे पुलिस और दमकलकर्मी हटा रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर आगजनी करके टैफिक को रोकने की कोशिश की है, जिसे पुलिस और दमकलकर्मी हटा रहे हैं।

पेरिस में एक स्कूल पर कड़ेदान जलाकर कर सड़क को ब्लॉक कर दिया गया। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू करके सड़क को खोला।

पेरिस में एक स्कूल पर कड़ेदान जलाकर कर सड़क को ब्लॉक कर दिया गया। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू करके सड़क को खोला।

पिछले साल भी बजट पेश करने के बाद PM को इस्तीफा देना पड़ा था

फ्रांस की राजनीति में बजट हमेशा टकराव का बड़ा कारण रहा है। हर साल इसके जरिए यह तय होता है कि सरकार किन क्षेत्रों पर खर्च बढ़ाएगी और कहाँ कटौती करेगी, और यही सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच खींचतान की जड़ बनता है।

पिछले साल 2025 में भी यही हुआ। प्रधानमंत्री मिशेल बार्नियर ने संसद में बजट पेश किया, लेकिन उस पर भारी विवाद खड़ा हो गया।

वामपंथी दलों ने आरोप लगाया कि बजट गरीब और आम जनता के खिलाफ है, क्योंकि इसमें सामाजिक कल्याण योजनाओं में कटौती की गई है। दूसरी तरफ दक्षिणपंथी दलों को शिकायत थी कि टैक्स और वित्तीय नीतियां उनके हितों पर चोट करती हैं।

आम तौर पर एक-दूसरे के धुर विरोधी ये दोनों खेमे इस बार सरकार के खिलाफ एकजुट हो गए। उन्होंने संसद में अविश्वास प्रस्ताव लाकर कहा कि बार्नियर की सरकार अब भरोसे के लायक नहीं रही।

दिसंबर 2025 में हुए मतदान में सरकार अल्पमत में आ गई और प्रस्ताव पास हो गया। इसके साथ ही बार्नियर की सरकार गिर गई और राष्ट्रपति को नया प्रधानमंत्री चुनना पड़ा।

पेरिस में 132 प्रदर्शनकारी गिरफ्तार

पेरिस पुलिस ने बताया कि अब तक वहां हुए प्रदर्शनों में 132 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। अब तक पूरे देश में 200 लोगों की गिरफ्तारी हुई है।

विरोध प्रदर्शन कर रहे सीजीटी यूनियन ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि असली समस्या मैक्रों और उनके काम करने के तरीके की है। जब तक उनकी विदाई नहीं होती प्रदर्शन चलता रहेगा।

पेरिस में प्रदर्शन के दौरान धुएं के पास से गुजरती महिला।

पेरिस में प्रदर्शन के दौरान धुएं के पास से गुजरती महिला।

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