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अमेरिका ने फिर चीन पर एक्स्ट्रा टैरिफ 90 दिन टाला:फैसले से पहले ट्रम्प बोले- मेरा जिनपिंग से अच्छा रिश्ता

वाशिंगटन : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चीन पर एक्स्ट्रा टैरिफ लगाने के फैसले को एक बार फिर 90 दिनों के लिए टाल दिया है। सोमवार को ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि उन्होंने US-चीन टैरिफ डेडलाइन 9 नवंबर तक बढ़ाने के एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किया।

इससे पहले अमेरिका और चीन के बीच 11 मई को जिनेवा में ट्रेड डील हुई थी। इसमें टैरिफ बढ़ाने के फैसले को 90 दिन के लिए टालने की सहमति बनी थी। अमेरिका ने चीन पर फिलहाल 30% टैरिफ लगा रखा है।

अमेरिका और चीन के बीच लंबा टैरिफ वॉर चला। ट्रम्प ने चीन पर 245% तक टैरिफ लगाने की धमकी दी थी। चीन ने जवाब में 125% टैरिफ लगाने की बात कही। हालांकि, जिनेवा ट्रेड डील के बाद यह लागू नहीं हुआ।

डेडलाइन बढ़ाने से कुछ घंटे पहले सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रम्प से चीन पर टैरिफ बढ़ाने पर सवाल पूछा गया था। उन्होंने कहा,

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देखते हैं क्या होता है। वे काफी अच्छे से काम कर रहे हैं। मेरा और राष्ट्रपति जिनपिंग का रिश्ता काफी अच्छा है।QuoteImage

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने चीन पर ज्यादा टैरिफ लगाने के सवाल पर सोमवार को कहा कि ऐसा कदम उठाना ज्यादा मुश्किल और नुकसानदेह हो सकता है। फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में वेंस ने कहा कि चीन पर टैरिफ लगाने का विचार चल रहा है, लेकिन अभी कोई पक्का फैसला नहीं हुआ है।

टैरिफ बढ़ने से चीन की GDP 1% तक गिरने का खतरा

चीन पर अमेरिका के हाई टैरिफ का सीधा असर उसके निर्यात और इंडस्ट्री पर पड़ेगा। चीन अमेरिका को लगभग 500 अरब डॉलर (43 लाख करोड़ रुपए) से अधिक का सामान निर्यात करता है। Apple जैसे ब्रांड चीन में बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन करते हैं। उन्हें मंहगाई का सामना करना पड़ेगा।

फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के व्यापक टैरिफ उपायों के बावजूद चीन का आर्थिक प्रभाव सीमित रहा है। यदि टैरिफ दर बढ़ती है, तो इससे चीन की GDP 1% तक घट सकती है।

ट्रम्प के वरिष्ठ सलाहकार पीटर नवारो ने इससे पहले कहा था कि चीन पर और ज्यादा टैरिफ लगाया जाएगा, इसकी संभावना कम है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा करने से अमेरिका को भी नुकसान हो सकता है।

भारत पर अमेरिका ने एक्स्ट्रा टैरिफ लगाया

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने पिछले सप्ताह रूस से तेल खरीदने की दलील देकर भारत पर 25% एक्स्ट्रा टैरिफ लगाने का ऐलान किया था। इसके बाद भारत पर कुल टैरिफ 50% हो गया। एक्स्ट्रा टैरिफ 27 अगस्त से लागू होगा।

भारत ने इस फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए इसे गलत बताया। भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि उसका तेल आयात पूरी तरह बाजार के हिसाब से तय होता है और यह उसके 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए जरूरी है।

पिछले महीने ट्रम्प ने रूस पर भी 100% टैरिफ लगाने की धमकी दी थी। ट्रम्प ने जुलाई में कहा था कि अगर मॉस्को 50 दिन के भीतर यूक्रेन के साथ पीस डील नहीं करता है तो वह रूस पर 100% टैरिफ लगाएंगे। इसके अलावा रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर सेकेंडरी टैरिफ भी लगाएंगे।

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