Breaking
Wed. May 20th, 2026

संस्कृति स्कूल आफ नर्सिंग के विद्यार्थियों ने ली सेवा की शपथ

मथुरा : संस्कृति स्कूल आफ नर्सिंग द्वारा आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में विद्यार्थियों ने इस पवित्र पेशे के नैतिक सिद्धांतों और मानवीय मूल्यों के प्रति समर्पण की शपथ ग्रहण की। इस मौके पर मौजूद वक्ताओं ने नर्सिंग के महत्व, इसकी गरिमा और समर्पण को लेकर बड़ी उपयोगी बातें कहीं।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ।
समारोह की मुख्य अतिथि संस्कृति विवि की सीईओ डा. मीनाक्षी शर्मा ने कहा कि आज का यह पारंपरिक अनुष्ठान विद्यार्थी से एक प्रशिक्षित और जिम्मेदार स्वास्थ्य पेशेवर में उनके बदलने का प्रतीक है। यह समारोह छात्रों को यह याद दिलाता है कि नर्सिंग केवल एक नौकरी या पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। यह छात्रों को मरीजों के साथ सहानुभूति, प्रेम और करुणा के साथ पेश आने के लिए प्रेरित करता है।

संस्कृति विवि के कुलपति प्रो. एमबी चेट्टी ने कहा कि हॉस्पिटल में सबसे ज्यादा समय एक मरिज नर्स के साथ बिताता है उसके लिए डाक्टर से भी बेहतर नर्स है। मेरे लिए डॉक्टर से भी ज्यादा बेहतर नर्स है। नर्स बिना किसी जाति, धर्म, रंग या राष्ट्र के भेदभाव के जरूरतमंदों और बीमारों की सेवा करती हैं। स्टूडेंट वेलफेयर विभाग के डीन डा.डीएस तोमर ने बताया कि भारतीय नर्सों की दुनियाभर में मांग है। हमारे देश की नर्सेज सेवा और समर्पण के लिए जानी जाती हैं।

समारोह के दौरान विद्यार्थी जलते हुए दीपक के साथ प्रतिज्ञा (नाइटेंगेल शपथ) लेते हैं। शपथ के तहत वे जीवन भर पूरी पवित्रता और निष्ठा के साथ अपने पेशे का पालन करने की कसम खाते हैं। संकल्प लेते हैं कि वे बिना किसी जाति, धर्म, रंग या राष्ट्र के भेदभाव के जरूरतमंदों और बीमारों की सेवा करेंगे। वे मरीजों की गोपनीयता बनाए रखने और डॉक्टरों तथा अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के साथ मिलकर काम करने की भी शपथ लेते हैं। कार्यक्रम के शुभारंभ पर संस्कृति स्कूल आफ नर्सिंग के प्राचार्य डा. केके पाराशर ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।

इस मौके पर एल्युमिनी शेहनाज ने अपने विद्यार्थी जीवन और नर्सिंग के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम डा. केशचंद्र के धन्यवाद ज्ञापन के साथ संपन्न हुआ।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *