श्रीगंगानगर : श्रीगंगानगर के नरसिंहपुरा-मांझूवास-बारानी क्षेत्र में प्रस्तावित ठोस कचरा प्रबंधन प्लांट को लेकर हनुमान बेनीवाल और प्रशासन के बीच सहमति बन गई है।
श्रीगंगानगर उपखंड अधिकारी नयन गौतम रात करीब 2 बजे नेशनल हाईवे (NH-62) पर प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्लांट को लेकर कमेटी फिर से विचार करेगी।
उनकी डिमांड जयपुर भेजी जाएगी। इसके बाद हनुमान बेनीवाल और उनके सैकड़ों समर्थकों ने करीब चार घंटे से जाम हाईवे को खोल दिया।
दरअसल, प्रस्तावित ठोस कचरा प्रबंधन प्लांट के विरोध में ग्रामीण 5 महीने से आंदोलन कर रहे थे। प्रशासन और ग्रामीणों के बीच सहमति नहीं बनने के बाद बुधवार को नरसिंहपुरा-बिरानी में महापंचायत भी हुई थी।
यहां पहुंचे सांसद हनुमान बेनीवाल ने मांगों को लेकर करीब 100 गाड़ियों के काफिले के साथ श्रीगंगानगर कलेक्ट्रेट की ओर कूच किया था।
पुलिस ने महियावाली टोल नाके के पास चूनावढ़ थाना क्षेत्र में काफिला रोक लिया था। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने हाईवे जाम कर दिया था।

श्रीगंगानगर एसडीएम ने रात 2 बजे प्रशासन के फैसले की जानकारी प्रदर्शनकारियों को दी। सहमति के बाद हाईवे खोल दिया गया।

महापंचायत के बाद हनुमान बेनीवाल काफिले के साथ श्रीगंगानगर कलेक्ट्रेट के लिए रवाना हुए।

महियावाली टोल नाके के पास हनुमान बेनीवाल का काफिला रोक दिया गया। इसके बाद उनके समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की।

महियावाली टोल नाके के पास हनुमान बेनीवाल से देर रात तक पुलिस अधिकारी बात करते रहे।

महापंचायत में मंच पर मौजूद सांसद हनुमान बेनीवाल।

बुधवार शाम को हुई महापंचायत में हजारों की संख्या में ग्रामीण पहुंचे थे।
समझें प्लांट शिफ्टिंग और विवाद
- पहले श्रीगंगानगर के पास चक 6-जेड में प्लांट प्रस्तावित था। इसका स्थानीय लोगों ने विरोध किया था।
- इसके बाद 2016 में जगह बदलकर शहर से करीब 7-8 KM दूर नेतेवाला के चक 1 जी छोटी में की गई। नेतेवाला में करीब 10 साल तक प्रक्रिया चली। सरकारी स्वीकृतियां, एनओसी और करीब 78 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत होने के साथ निर्माण का ठेका भी दिया गया था।
- नेतेवाला में भी ग्रामीणों के विरोध के बीच प्रशासन ने इस साल प्लांट को नरसिंहपुरा-मांझूवास-बिरानी में शिफ्ट करने का प्रस्ताव रखा। नई जगह पर भी ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया और करीब पांच माह से आंदोलन चल रहा है।
प्लांट को लेकर कमेटी बनी, जाम हटाया
बुधवार रात 2 बजे प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता की। जिसके बाद तत्काल कचरा प्लांट का काम रोकने पर सहमति बनी और प्रदर्शनकारियों ने जाम खोल दिया।
श्रीगंगानगर एसडीएम नयन गौतम ने कहा- आपकी जो डिमांड है हम जयपुर तक पहुंचाएंगे।
इस बारे में कमेटी रिपोर्ट तैयार करेगी। कचरा प्लांट को लेकर कमेटी पुनर्विचार करेगी।

