प्रयागराज : यूपी के 73 हजार शिक्षामित्रों को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। गुरुवार को कोर्ट ने उनकी स्पेशल TET-2026 में शामिल करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी।
जस्टिस मंजू रानी चौहान ने कहा-

याचिकाकर्ता सिर्फ इस आधार पर स्पेशल TET में शामिल होने का अधिकार नहीं मांग सकते कि वे सामान्य TET में बैठने के योग्य हैं। इनकी कानूनी स्थिति सरकारी टीचर से अलग है।
याचिका पिछले साल सितंबर महीने में वसीम अहमद समेत 220 शिक्षामित्रों ने दाखिल की थी। कहा था- हमें भी स्पेशल TET में बैठने का मौका दिया जाना चाहिए। कोर्ट ने 24 सितंबर को सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था।
कोर्ट के फैसले के बाद यूपी प्राथमिक शिक्षामित्र संघ प्रदेश उपाध्यक्ष वसीम अहमद ने कहा कि यह फैसला दुखद है। हम लोग अगली अदालत में जाएंगे, डबल बेंच में जाएंगे। वहां से पूर्ण विश्वास है कि मुझे राहत मिलेगी।
प्रदेश में करीब 1.43 लाख शिक्षामित्र हैं। इनमें से करीब 73 हजार ने अभी तक टीईटी पास नहीं किया है, जबकि करीब 70 हजार शिक्षामित्र यह परीक्षा पास कर चुके हैं।

यूपी में वर्तमान में करीब 1 लाख 43 हजार शिक्षामित्र कार्यरत हैं।
हाईकोर्ट ने कहा- शासन का फैसला सही
हाईकोर्ट ने कहा- अभी आप शिक्षक ही नहीं हैं, तो शिक्षकों के लिए होने वाली टीईटी परीक्षा में कैसे शामिल हो सकते हैं? सरकार का फैसला सही है, शासनदेश में कोई खामी नहीं है। आरटीई एक्ट में शिक्षक और नॉन शिक्षक के प्रावधान साफ हैं। टीईटी शिक्षकों के लिए है, जो शिक्षक नहीं है, उनके लिए नहीं है। कानून की दृष्टि से शिक्षामित्र शिक्षक नहीं हैं। ऐसे में उनकी मांग जायज नहीं कही जा सकती।
वसीम बोले- अब डबल बेंच में जाएंगे
यूपी प्राथमिक शिक्षामित्र संघ प्रदेश उपाध्यक्ष वसीम अहमद ने कहा कि हम लोग तो बहुत आशान्वित थे। मामला रिजर्व हुआ था। आज खारिज हुआ, यह दुखद है। हम लोग हिम्मत के साथ आगे की लड़ाई लड़ेंगे। माननीय न्यायालय में हम लोग डबल बेंच में जाएंगे और अपील करेंगे।
इस आदेश से कहीं न कहीं हम लोगों की क्षति हुई है, नुकसान हुआ है। 26 वर्षों से हम लोग लगातार सेवा दे रहे हैं। जब प्राइवेट विद्यालय, मान्यता प्राप्त विद्यालय के अध्यापकों को शामिल किया गया, एडेड विद्यालय के अध्यापकों को शामिल किया गया, संविदा कर्मी स्पेशल एजुकेटर को शामिल किया गया, तो शिक्षामित्र को वंचित करना यह गलत है।

