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उज्जैन में शिप्रा तट पर विकसित होगा नमो घाट:182 फीट ऊंची भगवान कृष्ण की कांस्य प्रतिमा लगेगी, दो साल में काम पूरा करेगा यूडीए

उज्जैन : मध्य प्रदेश सरकार वाराणसी की तर्ज पर उज्जैन में शिप्रा तट पर नमो घाट बनाने जा रही है। यहां 182 फीट ऊंची भगवान कृष्ण की कांस्य प्रतिमा लगाई जाएगी। इसके बाद यहीं हर शाम शिप्रा आरती की जाएगी। उज्जैन विकास प्राधिकरण (यूडीए) इसकी तैयारी शुरू कर दी है। प्राधिकरण का दावा है कि अगले दो साल में घाट और भगवान की प्रतिमा तैयार हो जाएगी।

उज्जैन विकास प्राधिकरण (यूडीए) के अनुसार, प्रतिमा का निर्माण हरिफाटक बायपास स्थित यूनिटी मॉल के पीछे क्षिप्रा नदी के किनारे प्रस्तावित है। इसके साथ घाटों का विकास भी किया जाएगा, ताकि क्षेत्र को धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके।

ब्रॉन्ज की प्रतिमा, स्ट्रक्चर स्टेनलेस स्टील का

भगवान कृष्ण के विराट स्वरूप की 182 फीट ऊंची प्रतिमा मेटल से तैयार होगी। इसमें ब्रॉन्ज यानी कांस्य का इस्तेमाल किया जाएगा, जबकि अंदरूनी स्ट्रक्चर स्टेनलेस स्टील का होगा। प्रतिमा को मजबूती और सुरक्षा के लिहाज से तैयार किया जाएगा। इसके स्ट्रक्चरल डिजाइन के लिए ऐसे इंजीनियर की मदद ली गई है, जो सरदार वल्लभभाई पटेल की विशाल प्रतिमा के डिजाइन से जुड़े रहे हैं।

नमो घाट पर हर शाम होगी शिप्रा आरती

प्रतिमा के साथ विकसित होने वाले नमो घाट पर नियमित रूप से शिप्रा आरती और पूजन की व्यवस्था की जाएगी। इससे श्रद्धालुओं को एक ही परिसर में भगवान कृष्ण के विराट स्वरूप के दर्शन और शिप्रा आरती का अनुभव मिल सकेगा।

यूडीए अध्यक्ष डॉ. रवि सोलंकी के मुताबिक मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप यह परियोजना तैयार की जा रही है। करीब दो साल में पूरे प्रोजेक्ट को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

यूनिटी मॉल और घाटों के साथ विकसित होगा क्षेत्र

हरिफाटक बायपास के पीछे जिस क्षेत्र में प्रतिमा और नमो घाट प्रस्तावित हैं, वहां करीब 260 करोड़ रुपए की लागत से यूनिटी मॉल का निर्माण भी कराया जा रहा है। मॉल में देश-विदेश के उत्पादों के लिए स्थान, कैफेटेरिया, होटल और कॉन्फ्रेंस हॉल जैसी सुविधाएं प्रस्तावित हैं।

घाट, प्रतिमा और मॉल को एक साथ विकसित कर इस पूरे क्षेत्र को उज्जैन के नए धार्मिक-पर्यटन केंद्र के रूप में तैयार करने की योजना है। सिंहस्थ 2028 को देखते हुए शहर में नए आकर्षण और पर्यटन सुविधाएं विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

उज्जैन का नया विजुअल लैंडमार्क बनेगी प्रतिमा

182 फीट ऊंची प्रतिमा शहर के प्रमुख आकर्षणों में शामिल होगी। महाकालेश्वर मंदिर और महाकाल लोक के बाद क्षिप्रा तट का यह क्षेत्र श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए नया केंद्र बन सकता है।

प्रदेश में ओंकारेश्वर की 108 फीट ऊंची आदि शंकराचार्य प्रतिमा, छिंदवाड़ा के रामेश्वरधाम की 81 फीट ऊंची शिव प्रतिमा और जबलपुर की कचनार सिटी में 76 फीट ऊंची शिव प्रतिमा प्रमुख हैं। ऐसे में उज्जैन की प्रस्तावित 182 फीट प्रतिमा प्रदेश की विशाल प्रतिमाओं में अलग पहचान बनाएगी।

शिव के साथ विष्णु परंपरा को भी विस्तार

यूडीए अध्यक्ष डॉ. रवि सोलंकी के अनुसार महाकाल की नगरी में भगवान शिव के साथ भगवान विष्णु की धार्मिक परंपरा को भी विस्तार देने की दिशा में यह परियोजना महत्वपूर्ण है। प्रतिमा, नमो घाट, आरती स्थल और यूनिटी मॉल के एक साथ विकसित होने से हरिफाटक बायपास के पीछे का क्षेत्र आने वाले समय में उज्जैन के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में शामिल हो सकता है।

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