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तीन उपकेंद्रों की बढ़ी क्षमता, मथुरा में उपभोक्ताओं को मिलेगी ओवरलोडिंग से राहत

दैनिक उजाला, मथुरा : जनपद में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए विद्युत उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाने का काम किया गया है। जयगुरुदेव, श्रीधाम वृंदावन और चैतन्य विहार स्थित विद्युत उपकेंद्रों पर ट्रांसफार्मरों की क्षमता में वृद्धि की गई है। इससे कई क्षेत्रों में ओवरलोडिंग की समस्या कम होने के साथ ही उपभोक्ताओं को बेहतर एवं अधिक निर्बाध विद्युत आपूर्ति मिल सकेगी।

विद्युत वितरण नगरीय खंड मथुरा के अंतर्गत जयगुरुदेव उपकेंद्र पर अतिरिक्त 5 एमवीए का ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है। इसके बाद उपकेंद्र की कुल क्षमता 30 एमवीए से बढ़कर 35 एमवीए हो गई है। क्षमता बढ़ने से इस उपकेंद्र से जुड़े करीब 8 फीडरों के उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा और विद्युत लोड को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकेगा।

इसी क्रम में विद्युत वितरण नगरीय खंड वृंदावन के श्रीधाम वृंदावन उपकेंद्र पर 5 एमवीए के ट्रांसफार्मर की क्षमता को बढ़ाकर 10 एमवीए कर दिया गया है। इससे उपकेंद्र की कुल क्षमता 10 एमवीए से बढ़कर 15 एमवीए हो गई है। क्षमता वृद्धि के बाद इस्कॉन और कालीदेह क्षेत्र से जुड़े उपभोक्ताओं को ओवरलोडिंग की समस्या से राहत मिली है।

वहीं चैतन्य विहार उपकेंद्र पर भी 5 एमवीए के ट्रांसफार्मर की क्षमता को बढ़ाकर 10 एमवीए किया गया है। इससे उपकेंद्र की कुल क्षमता 25 एमवीए से बढ़कर 30 एमवीए हो गई है। क्षमता बढ़ने से 100 फुटा रोड, चैतन्य विहार फेज-1, परिक्रमा मार्ग सहित आसपास के क्षेत्रों के 4,000 से अधिक उपभोक्ताओं को ओवरलोडिंग की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।

क्षमता वृद्धि से मजबूत होगी आपूर्ति व्यवस्था

डीवीवीएनएल के टेक्निकल डायरेक्टर मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि विद्युत उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाने का उद्देश्य बढ़ते विद्युत भार के अनुरूप आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करना है। क्षमता वृद्धि से संबंधित क्षेत्रों में लोड का बेहतर प्रबंधन होगा और उपभोक्ताओं को ओवरलोडिंग के कारण होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी।

टेक्निकल एक्सईएन अमित श्रीवास्तव ने बताया कि तीनों उपकेंद्रों पर क्षमता बढ़ाने का कार्य पूरा होने से संबंधित फीडरों पर विद्युत भार को संतुलित करने में मदद मिलेगी। इससे उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने के साथ-साथ भविष्य में बढ़ने वाले विद्युत लोड को भी संभालने में सुविधा होगी।

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