दैनिक उजाला, मथुरा : दतिया बिजलीघर से जुड़े गांव बाकलपुर में बुधवार को तड़के सुबह से देर शाम तक बिजली आपूर्ति ठप रही। लंबी कटौती के बावजूद गांव के उपभोक्ताओं को यह तक पता नहीं था कि आखिर बिजली क्यों काटी गई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि बिजलीघर पर फोन करने पर कभी फोन उठता नहीं है तो कभी बंद मिलता है। इससे साफ जाहिर होता है कि विद्युत विभाग के अधिकारियों का गांव और उपभोक्ताओं से कितना संपर्क है।
स्थानीय ग्रामीण देवीराम और कलुआ ने बताया कि गांव की बिजली तड़के सुबह चली गई थी और देर शाम तक नहीं आई। पूरे दिन ग्रामीण बिजली आने का इंतजार करते रहे, लेकिन किसी अधिकारी या कर्मचारी की ओर से यह जानकारी नहीं दी गई कि आपूर्ति क्यों बंद है और कब तक बहाल होगी।
मामले में जब दैनिक उजाला ने ईडीडी चतुर्थ गोवर्धन के अधिशासी अभियंता आशुतोष तिवारी से बाकलपुर की बिजली आपूर्ति बंद होने की जानकारी मांगी तो उन्होंने पहले कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। वहीं, जानकारी मिलने के बाद उन्होंने बताया कि डीपी (डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर) बदलने के लिए शटडाउन लिया गया है।
इसके विपरीत एसडीओ दतिया ने बताया कि गांव में ट्रांसफार्मर बदला जा रहा है। एक ही मामले में अधिकारियों के अलग-अलग जवाब विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हैं। यदि गांव में पहले से ट्रांसफार्मर बदलने या शटडाउन की जानकारी होती तो ग्रामीण पूरे दिन अंधेरे में रहकर परेशान नहीं होते।
ग्रामीणों का कहना है कि बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी यदि गांवों से नियमित संपर्क रखते और उपभोक्ताओं को समय रहते जानकारी देते तो ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती। अधिकारियों के बीच ही सही जानकारी का अभाव होने से उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ रही है।
दैनिक उजाला द्वारा जानकारी मांगे जाने के बाद देर शाम बाकलपुर में बिजली आपूर्ति सुचारू हुई। इससे ग्रामीणों को राहत मिली, लेकिन सवाल यह है कि विभाग को एक गांव की बिजली आपूर्ति की वास्तविक स्थिति की जानकारी तब क्यों नहीं थी, जब ग्रामीण सुबह से बिजली का इंतजार कर रहे थे।

