मथुरा : वृंदावन में शिष्य की मौत के बाद संत प्रेमानंद महाराज गुरुवार सुबह 5 बजे पहली बार केली कुंज आश्रम पहुंचे। उन्हें देख भक्त पीछे दौड़ने लगे। ‘श्री हरिवंश’ और ‘राधे-राधे’ के जयकारे लगाने लगे।
प्रेमानंदजी 10 मिनट तक आश्रम में रुके। फिर 150 मीटर दूर अपने गुरु श्री हित गोविंद शरण महाराज दर्शन करने चले गए। वहां से वापस अपने नए यमुना बिहार कुंज आश्रम लौट गए।
शिष्य रसिक दुलारी ने 25 सितंबर की सुबह केली कुंज ट्रस्ट की बिल्डिंग की चौथी मंजिल से कूदकर जान दे दी थी। अब तक उनके सुसाइड से जुड़े 4 वीडियो सामने आ चुके हैं। पुलिस अब तक 50 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की जा चुकी है।
हादसे के केली कुंज आश्रम ने लेटर जारी करके कहा था- महाराजजी और सभी शिष्य आहत हैं। आश्रम घटना की जांच में सहयोग कर रहा है। लोग महाराजजी की छवि खराब करने वाली अफवाहों पर ध्यान न दें।

गुरुवार सुबह कार से प्रेमानंद महाराज केली कुंज आश्रम पहुंचे।

प्रेमानंदजी को देखकर भक्त उनके पीछे राधे-राधे बोलते हुए दौड़ पड़े।

