नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची के साथ संयुक्त प्रेस बयान में उन्हें अपनी ‘छोटी बहन’ बताया। उन्होंने कहा कि ताकाइची की यह भारत की पहली यात्रा है और जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री का स्वागत करना खुशी की बात है।
मोदी ने कहा कि भारत और जापान ने आर्थिक सुरक्षा का संयुक्त रोडमैप तैयार किया है। इसके तहत सेमीकंडक्टर, क्वांटम टेक्नोलॉजी, एडवांस्ड मैटेरियल्स और सप्लाई चेन को मजबूत किया जाएगा। इंडिया-जापान बायोगैस इनिशिएटिव के तहत देश में 1000 बायोगैस और ऑर्गेनिक खाद प्लांट लगाए जाएंगे, जिससे गोबरधन योजना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
दोनों नेताओं ने बैटरी, ग्रीन हाइड्रोजन, न्यूक्लियर एनर्जी, निवेश, रक्षा, स्टार्टअप, रिसर्च और इंडो-पैसिफिक सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई। मोदी ने कहा कि अगले साल भारत और जापान के राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होंगे, जिसे दोनों देश विशेष रूप से मनाएंगे।

ताकाइची को राष्ट्रपति भवन में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

मोदी और ताकाइची ने हैदराबाद हाउस में मुलाकात की। दोनों नेताओं ने हाथ मिलाए।

ताकाइची बुधवार को दिल्ली पहुंची थीं। यह उनकी पहली भारत यात्रा है।

एयरपोर्ट पर ताकाइची का स्वागत केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने किया।
भारत के साथ मिलकर हर तरह की धमकी का करेंगे सामना

जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने कहा कि भारत और जापान एशिया की दो बड़ी लोकतांत्रिक ताकतें हैं। दोनों देश मिलकर कानून का सम्मान बनाए रखेंगे और किसी भी तरह की धमकी, दबाव या ताकत के दम पर हालात बदलने की कोशिशों का मिलकर विरोध करेंगे।
मोदी बोले- भारत में जापान का निवेश 10 ट्रिलियन येन से पार हो

भारत-जापान जॉइंट इकोनॉमिक फोरम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अगले 10 साल में भारत में जापान का निवेश 10 ट्रिलियन येन (करीब 5.9 लाख करोड़ रुपए) से अधिक होना चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी ने यह बात दोनों देशों के उद्योगपतियों, निवेशकों और कारोबारी प्रतिनिधियों से कही। वे जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची की मौजूदगी में मंच को संबोधित कर रहे थे।
ताकाइची बोलीं- मोदी मेरे बड़े भाई जैसे
ताकाइची ने संयुक्त प्रेस बयान में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें अपनी ‘सुंदर छोटी बहन’ कहा। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने आपसी रिश्ते को भाई-बहन की तरह आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।
उन्होंने कहा कि जापान की फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक (FOIP) नीति और भारत की महासागर (MAHASAGAR) पहल एक-दूसरे की पूरक हैं। इसी वजह से दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा सहयोग बढ़ाने को प्राथमिकता देने का फैसला किया है, ताकि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनी रहे।

