देहरादून : उत्तराखंड में नॉर्थ-ईस्ट से मानसून ने मंगलवार को एंट्री कर ली है। सुबह से हरिद्वार को छोड़कर राज्य के लगभग सभी जिलों में बारिश हो रही है। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून के वैज्ञानिक रोहित थपलियाल ने बताया कि मानसून ने दिन के समय उत्तराखंड में प्रवेश किया।
देहरादून में सुबह से रुक-रुककर तेज बारिश हो रही है। यहां रिस्पना नदी उफान पर आ गई है और जगह-जगह जलभराव हुआ है। वहीं नैनीताल में भी आज सुबह तेज बारिश हुई। वहीं, रुद्रप्रयाग में अलकनंदा का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे संगम की सीढ़ियां डूब चुकी है।
वहीं, ऋषिकेश में गंगा नदी में राफ्टिंग का संचालन आज शाम से बंद कर दिया गया है। मानसून के मौसम और गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए यह प्रतिबंध जुलाई और अगस्त तक लागू रहेगा। राफ्टिंग सेवाएं 1 सितंबर से फिर से शुरू होंगी।

रुद्रप्रयाग में अलकनंदा का जलस्तर बढ़ गया है।

देहरादून में सुबह से हो रही बारिश के कारण रिस्पना नदी उफान पर आ गई।

देहरादून निरंजनपुर मंडी पर जगह-जगह पर जलभराव हुआ।

नैनीताल में सुबह मूलाधार बारिश हुई।
5 जिलों में देर रात से बारिश
वहीं नैनीताल, अल्मोड़ा, ऊधम सिंह नगर, चंपावत और पिथौरागढ़ में देर रात से बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग के अनुसार, आज राज्य के सभी जिलों में बारिश होने की संभावना है। इसे देखते हुए पूरे उत्तराखंड के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। विभाग ने पौड़ी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों के कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है।
मौसम विभाग के मुताबिक, राज्य के अधिकांश जिलों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने, बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर पड़ने तथा 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है।
वहीं, हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर जिलों में भी कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है। मौसम विभाग ने आज से अगले दो दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की है।

