दैनिक उजाला, गोवर्धन : ब्रज की पावन धरा को स्वच्छ, सुंदर और दिव्य बनाए रखने के उद्देश्य से रविवार को गोवर्धन परिक्रमा मार्ग पर विशाल स्वच्छता महाअभियान आयोजित किया गया। ‘उज्ज्वल ब्रज संस्था’ के तत्वावधान में आयोजित इस अभियान में आगरा मंडल के कमिश्नर नगेंद्र प्रताप सिंह, उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ जीएलए विश्वविद्यालय के कुलपति एवं स्टाफ सदस्यों ने भी उत्साहपूर्वक श्रमदान कर सहभागिता निभाई।

अभियान का शुभारंभ प्रातः 8 बजे गोवर्धन परिक्रमा मार्ग स्थित संत गया प्रसाद जी की समाधि एवं रमणरेती आश्रम से हुआ। आगरा मंडल के कमिश्नर नगेंद्र प्रताप सिंह ने स्वयं झाड़ू लगाकर अभियान की शुरुआत की और उपस्थित लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
इस दौरान परिक्रमा मार्ग से पॉलीथिन, प्लास्टिक एवं अन्य कचरे को हटाकर व्यापक स्तर पर सफाई की गई। अभियान में सैकड़ों अधिकारी-कर्मचारी, समाजसेवी, स्वयंसेवी संस्थाएं और स्थानीय नागरिक शामिल हुए।
आगरा मंडल के कमिश्नर नगेंद्र प्रताप सिंह ने कहा, “ब्रज का कण-कण श्रद्धा और आस्था का प्रतीक है। इसकी स्वच्छता बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। ब्रजवासी, दुकानदार और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु यदि स्वच्छता को अपनी आदत बना लें, तो स्वच्छ, सुंदर और दिव्य ब्रज का सपना अवश्य साकार होगा।”

जीएलए विश्वविद्यालय के कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल ने कहा कि “गोवर्धन केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का जीवंत प्रतीक है। जीएलए विश्वविद्यालय प्रत्येक माह गोवर्धन परिक्रमा मार्ग पर स्वच्छता अभियान चलाकर समाज को स्वच्छता और सेवा का संदेश देता है। हमारा प्रयास केवल सफाई करना नहीं, बल्कि युवाओं में सामाजिक उत्तरदायित्व, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी की भावना विकसित करना है। जब समाज, प्रशासन और शिक्षण संस्थान मिलकर कार्य करते हैं, तभी स्वच्छ एवं आदर्श ब्रज का निर्माण संभव होता है।”
जीएलए विश्वविद्यालय की ओर से कुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता ने विश्वविद्यालय के स्टाफ सदस्यों के साथ स्वच्छता अभियान में श्रमदान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि समाज और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का भाव विकसित करना भी है। गोवर्धन जैसी पावन धरा की स्वच्छता में योगदान देना प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है और विश्वविद्यालय ऐसे सामाजिक अभियानों में सदैव अग्रणी भूमिका निभाता रहेगा।

